
रिपोर्ट प्रशान्त राय
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर दीदारगंज प्रत्याशी की घोषणा से साथ बसपा ने 2027 के चुनाव का बजाया बिगुल, बसपा सुप्रीमो को फिर मुख्यमंत्री बनाने के संकल्प के साथ भाजपा व सपा पर जमकर बोला गया हमला।
बता दे कि गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर पार्क में बसपा सुप्रीमो मायावती का 70वा जन्मदिन जन कल्याणकारी रूप में मनाया गया। जहां बड़ी संख्या में कई जिलों से कार्यकर्ता पदाधिकारी व दिग्गज नेता शामिल हुए। जहां बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व एमएलसी दिनेश चंद्रा ने मंच से सर्वसमाज में फैले हुए भाजपा और सपा के भ्रम को तोड़कर बसपा सुप्रीमो को एक बार फिर से उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के क्रम में दीदारगंज विधानसभा 350 से प्रत्याशी अबुल कैश आज़मी की घोषणा कर 2027 के चुनाव का आगाज़ कर दिया है। समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य मण्डल प्रभारी आजमगढ़ अयोध्या, देवी पाटन व पूर्व एमएलसी दिनेश चन्द्रा के मौजूद रहे। वहीं अध्यक्षता मुख्य मंडल प्रभारी आजमगढ़ सालिम अंसारी व संचालन जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने अबुल कैश को विस दीदारगंज से प्रत्याशी घोषित किया।
जिन्हें गुलाम बनाना हो उनका इतिहास मिट दो यही हमारे समाज के साथ हुआ : चंद्रा
दिनेश चन्द्रा ने कहाकि जिन लोगों को गुलाम बनाना हो उनके इतिहास को मिटा दो और यही खासकर पिछड़े, दलित, समाज के साथ हुआ। इस देश में अगर बसपा का आंदोलन मुखर नहीं हुआ होता तो निश्चित रूप से हम उन पूर्वजों को भूल चुके होते जो हमारे पूरे समाज को मुख्य धारा में लाने के लिए पूरे जीवन भर संघर्ष किये। हम समता मूलक समाज के स्थापना में तथा गत बुद्ध सम्राट अशोक कबीर, रविदास ज्योतिबा फुले, साहूजी महाराज और उनके जैसे महापुरूषों को भूल चुके होते। कहते है कि रावण वंश को मारने के लिए ईश्वर ने अवतार लिया था मगर हमारे लिए तो डा भीमराव अम्बेडकर इस धरती पर हमारी समस्याओं यातनाओं से निजात दिलाने के लिए धरती पर आये। जिनके बनाये मार्ग पर चलकर कांशीराम साहब ने हमें सत्ता में भागीदार बनाया। आज हम बहन जी के कुशल नेतृत्व में पुनः 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने को उद्यत है और हमारी सरकार जरूर बनेगी हम आप सभी लोग बहन जी को आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 में बहन जी को पांचवी बार मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प करना है।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
वही विशिष्ठ अतिथि हरिश्चन्द्र गौतम ने कहाकि आज जिस तरह से खासकर कमजोर, पिछड़े, मुस्लिम समाज सहित सभी वर्गो के कमजोर लोगों पर अन्याय अत्याचार बढ़ा है। देश में देश के कानून के सामांतर उस कानून का आचरण हो रहा है जिससे कमजोर के साथ न्याय की गुजांइश समाप्त हो जाए, पूरे प्रदेश में स्कूल शिक्षा महंगी, स्कूल तोड़े जा रहे, लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है न्याय नहीं मिल रहा है, जातीय संघर्ष की नौबत पैदा की जा रही है, गुण्डों को मनोबल बढ़़ा है। यह सारी परिस्थितियां उस सामंतवादी युग के प्रांरभ की आहट है। जिसका विरोध हमारे पूर्वज और महापुरूषों ने कर संघर्ष किया था मगर यह हमारा सौभाग्य है कि आज बसपा प्रमुख के नेतृत्व में अम्बेडकर वाद आंदोलन से विपरीत परिस्थितियों में भी बुलंदी के साथ खड़े है और हमारा यही साहस 2027 में निश्चित रूप से बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुनः उत्तर प्रदेश का सीएम बनाएगा।
मुख्य रूप से जनसभा को ओमकार शास्त्री, डा इन्दू चौधरी, डा मदन राम, हीरालाल गौतम, सविहा अंसारी, अबुल कैस आजमी, विनोद चौहान, रामविलास भाष्कर चेतई राम, संतोष राजभर, हीरामणि दीपक एड, दिनेश कुमार, रामजन्म मौर्य, राशिद अहमद, अरूण सिंह, रामप्रसाद चौधरी, सुबाष पासी, संतोष प्रधान, शाकिर प्रधान, डा महबूब आजमी, प्रदीप कुमार एड, अरूण पाठक, गया प्रसाद, रामजीत चौहान, अमरनाथ गौतम, हवलदार राम, अश्वनी कुमार, फुरकान आजमी, शैलेन्द्र कुमार आर्य मऊ, नंदलाल, राम बलिया, अफजल खान, शंकर यादव, मनोज यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, राजाराम मौर्य, हरिराम भाष्कर, नंदलाल महाप्रधान गीता, जगदीश गुप्ता, कुसुम बौद्ध आदि लोगों ने संबोधन किया।
