
जमीन-मकान विवाद कोर्ट में विचाराधीन, घर में रहने के लिए पुलिस सहायता की मांग
रिपोर्ट: शैलेन्द्र शर्मा


आजमगढ़। थाना मुबारकपुर क्षेत्र के लोहरा गांव की निवासी बेवश विधवा महिला कमरजहाँ पत्नी स्वर्गीय जफरे आलम ने जिलाधिकारी महोदय को प्रार्थना पत्र देकर अपने देवरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता का आरोप है कि उसके दोनों देवरों द्वारा लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी, जिससे आहत होकर उसके पति की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इसके बाद देवरों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे भयभीत होकर वह अपने मायके जीयनपुर में रहने लगी। हाल ही में उसे जानकारी मिली कि उसके देवर शब्बू उर्फ इफ्तेखार और आरिफ पुश्तैनी जमीन बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
पीड़िता जब अपने ससुराल पहुंची तो पाया कि उसके हिस्से के मकान पर देवरों ने कब्जा कर लिया है, उसके दोनों कमरों में अपना सामान रख दिया गया है और उसका घरेलू सामान गायब कर दिया गया है। इस संबंध में थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
कमरजहाँ ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुर सदरूद्दीन की बीमारी का लाभ उठाकर देवरों ने पूरी संपत्ति का वसीयत अपने नाम करा लिया है, जबकि इस वसीयत और संपत्ति को लेकर दीवानी न्यायालय एवं कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार की अदालत में मुकदमा विचाराधीन है।
पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जब तक न्यायालय से अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक उसे अपने घर में रहने की अनुमति दिलाई जाए और पुलिस बल के साथ उसे सुरक्षित रूप से घर भेजा जाए। उसने यह भी कहा कि न्यायालय का जो भी निर्णय होगा, उसे स्वीकार होगा।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
