
आजमगढ़। सोमवार को ज़िला कांग्रेस कमेटी ज़िलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय ‘ के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों व मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के खिलाफ एक विरोध मार्च का आयोजन किया। यह मार्च ज़िला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट मार्ग एवं रैदोपुर तिराहा होते हुए गांधी प्रतिमा तक निकाला गया।इस अवसर पर आज़मगढ़ कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने तथा इसके मूल ढांचे को कमजोर करने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा माने जाने वाले ‘काम के अधिकार’ को समाप्त करने की एक सुनियोजित साजिश है। यूपीए सरकार ने राष्ट्रपिता के सम्मान में इस योजना का नाम रखा था। आज केवल श्रेय लेने की होड़ में बापू के नाम को राष्ट्रीय चेतना से मिटाने का प्रयास किया जा रहा है।इस दौरान ज़िलाध्यक्ष ने कहा,“मनरेगा गरीबों के लिए कोई दया नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। भाजपा सरकार इस अधिकार को छीनने और महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। सरकार को यह गरीब-विरोधी विधेयक तुरंत वापस लेना होगा और मनरेगा के मूल ‘गारंटी’ वाले स्वरूप को बहाल करना होगा।”इस विरोध मार्च में राजाराम यादव, राहुल राय, गिरीश चंद्र चतुर्वेदी, अंसार अहमद, तेज बहादुर यादव, चंद्रपाल सिंह यादव, अजीत राय, बेलाल बेग, रमेश राजभर, शिव मंगल सिंह, संतोष सिंह, हाजी इफ्तिखार, मो. आमिर, मुरारी राय, नवनीत राय, प्रदीप यादव, हरिओम उपाध्याय , दिनेश सरोज , अजय कुमार , मैनेजर यादव रामानंद सागर , राम कुमार यादव , राकेश गुप्ता , हरेंद्र सिंह , श्यामदेव यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
