
बड़ी खबर आजमगढ़ से
मुबारकपुर सिया सुन्नी दंगा हत्याकांड में 12 को आजीवन कारावास, 27 साल बाद आया फैसला
गौरतलब है कि मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश जय प्रकाश पाण्डेय की अदालत ने 27 वर्ष पूर्व मुबारकपुर में हुए सिया सुन्नी दंगे के दौरान अली अकबर की हत्या मामले में 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक पर 66हजार 5सौ रुपए का आर्थिक दंड लगाया।
बीते 13 फरवरी को अदालत ने इन आरोपियों को दोषी करार दे दिया था। सजा के ऐलान को लेकर आज कोर्ट परिसर में गहमा गहमी के साथ सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस भी मुस्तैदी से तैनात रही।
मुबारकपुर थाने में 28 अप्रैल 1999 को वादी ने पूरा ख्वाजा निवासी चाचा अली अकबर के लापता होने की तहरीर दी थी।
जिसके बाद अली अकबर की सिर कटी लाश राजा भाट के पोखरे से 30 अप्रैल को बरामद की गई।
विवेचना के दौरान मोहर्रम के जुलूस से लौटते समय अली अकबर को सुन्नी संप्रदाय के लोगों ने मारपीट कर हत्या करने की बात प्रकाश में आई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हुसैन अहमद, मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब, अली जहीर, इरशाद, मोहम्मद असहद, अफजल, अलाउद्दीन, दिलशाद तथा वसीम को आजीवन कारावास भेज दिया।
