
रिपोर्ट: शैलेन्द्र शर्मा
आज़मगढ़। मंगलवार को मण्डलायुक्त विवेक ने मण्डल के जनपदों में एक करोड़ से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं, कर करेत्तर राजस्व वसूली एवं अन्य राजस्व कार्यों तथा नगरीय निकायों में संचालित कार्यक्रमों आदि की अद्यतन प्रगति की समीक्षा के दौरान कतिपय कार्यों की प्रगति खराब पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक अधिकारी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा एक अन्य अधिकारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत का निर्देश दिया। मण्डलायुक्त ने सोमवार को देर सायं आयुक्त सभागार में आयोजित उक्त समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों को समय से अपने अपने कार्यालय में उपस्थित होने तथा आमजन की समस्याओं को सुनकर उसका नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण कराने का भी निर्देश दिया। मुख्यमन्त्री डैशबोर्ड-सीएमआईएस पर प्रदर्शित प्रगति के आधार पर मण्डलायुक्त विवेक ने जनपदों में एक करोड़ से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान गत बैठक में कार्यदायी संस्था उप्र जल निगम द्वारा माह में 77 कार्य पूर्ण करा लिये जाने के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ण कराये गये कार्यों की जानकारी चाही, जिस पर सम्बन्धित विभाग द्वारा 25 कार्य पूर्ण होना बताया गया। इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त ने जल निगम के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देशित किया कि इस माह में पूर्ण कराये जाने हेतु लक्षित 84 कार्यों में गत माह के अवशेष कार्यों को भी सम्मिलित करते हुए शत प्रतिशत प्रगति लाना सुनिश्चित किया जाय। इसी क्रम में उन्होंने यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबन्धक को निरन्तर स्थलीय निरीक्षण कर मानक और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन निर्माणाधीन कार्यों हेतु धनराशि शीघ्र मिलने की संभावना है उन कार्यों को रोकने की जरूरत नहीं है, बल्कि निर्बाध रूप से कार्य को पूर्ण कराया जाय। मण्डलायुक्त ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारियों से कहा कि ऐसे निर्माण कार्य जिनके मई, जून तक पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा गया है, उन कार्यों में तेजी लाकर बरसात से पहले पूर्ण कराया जाय ताकि कार्य विलम्बित होने बच सके और मण्डल एवं जनपद की रैंकिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। लोक निर्माण विभाग के कार्यो की समीक्षा के दौरान विदित हुआ कि जनपद बलिया में ग्रामसभा खरूआंव में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण कार्य हेतु ग्रामसभा सिसवार में सीसी सड़क और नाली निर्माण हेतु प्राप्त धनराशि के सापेक्ष भुगतान बहुत कम किया गया है, परन्तु कार्य की भौतिक प्रगति काफी अधिक है। इस सम्बन्ध में उन्होंने मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग को दोनों कार्यों की जॉंच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। इसी प्रकार कार्यदायी संस्था सिंचाई एवं जल संसाधन द्वारा गंगा नदी के बाये किनारे पर निर्मित बलिया-बैरिया तटबंध पर एक अदद स्पर निर्माण कार्य में प्राप्त धनराशि के सापेक्ष भुगतान अत्यन्त कम तथा भौतिक प्रगति अधिक पाई गयी। मण्डलायुक्त ने इस विसंगति पर अधीक्षण अभियन्ता, डेªेनेज मण्डल बलिया द्वारा दिये गये तकों से असहमति व्यक्त करते हुए इस सम्बन्ध में उन्हें स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया।
